मुन्से और लीस्क के दम पर स्कॉटलैंड की धमाकेदार जीत, इटली को 73 रन से हराया

कोलकाता, 9 फरवरी। सलामी बल्लेबाज़ जॉर्ज मुन्से की तूफानी बल्लेबाज़ी और माइकल लीस्क के शानदार ऑलराउंड खेल की बदौलत स्कॉटलैंड ने आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप के ग्रुप-सी मुकाबले में इटली को 73 रन से शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपना खाता खोला।
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए स्कॉटलैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 207 रन बनाए और इस टूर्नामेंट में 200 से अधिक रन बनाने वाली पहली टीम बनी। बाएं हाथ के बल्लेबाज़ मुन्से ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए 54 गेंदों में 87 रन बनाए। उनकी पारी में 13 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। मुन्से ने माइकल जोन्स के साथ पहले विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी कर मजबूत आधार तैयार किया।
पारी के अंतिम ओवरों में स्कॉटलैंड के बल्लेबाज़ों ने रफ्तार और तेज कर दी। ब्रैंडन मैकमुलेन ने 18 गेंदों पर नाबाद 41 रन बनाए, जबकि लीस्क ने केवल 5 गेंदों में 22 रन ठोक दिए। आखिरी ओवर में लीस्क के आक्रामक प्रहारों ने स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया।
[news_related_post]208 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इटली की टीम दबाव में आ गई और 16.4 ओवर में 134 रन पर सिमट गई। गेंदबाज़ी में लीस्क ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 17 रन देकर 4 विकेट झटके, जो उनके टी20 करियर का सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा रहा। इसके अलावा मार्क वाट ने भी कसी हुई गेंदबाज़ी करते हुए दो विकेट अपने नाम किए।
इटली की ओर से बेन मानेंती ने 52 रन और हैरी मानेंती ने 37 रन की पारियां खेलीं। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी हुई, लेकिन बढ़ते रनरेट और लगातार गिरते विकेटों के कारण टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
मैच के शुरुआती चरण में ही इटली को झटका लगा जब कप्तान वेन मेडसन कंधे में चोट लगने के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हो गए। कप्तान की अनुपस्थिति ने इटली की रणनीति पर असर डाला।
इस एकतरफा जीत के साथ स्कॉटलैंड ने ग्रुप-सी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली और टूर्नामेंट में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए।
मैच से जुड़े प्रमुख तथ्य
▪ यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में स्कॉटलैंड की अब तक की सबसे बड़ी जीत है।
▪ जॉर्ज मुन्से टी20 विश्व कप में स्कॉटलैंड के लिए सर्वाधिक कैच पकड़ने वाले खिलाड़ी बने।
▪ मुन्से ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 14वां अर्धशतक लगाया और स्कॉटलैंड के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए।