Chhattisgarh, फ़ुटबॉल

जनजातीय पृष्ठभूमि से अंतरराष्ट्रीय मंच तक: छत्तीसगढ़ की फुटबॉलर किरण पिस्दा का संघर्ष और सफलता


रायपुर – 24 वर्षीय छत्तीसगढ़ की फुटबॉलर किरण पिस्दा ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। किरण ने यूरोप में लीग फुटबॉल खेला है और अब राष्ट्रीय टीम में बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए तैयार हैं।

उनका सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती समर्थन के बावजूद, राष्ट्रीय शिविर में चयन न मिलना उन्हें आत्म-सुधार और मानसिक मजबूती की राह पर ले गया। कोच योगेश कुमार जांगड़ा के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी फिटनेस, तकनीक और मानसिक तैयारी में सुधार किया।

किरण की बहुमुखी प्रतिभा उनके खेल की खासियत बन गई है। उन्होंने स्ट्राइकर, मिडफील्ड और अब फुल-बैक की भूमिका निभाई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्लबों में शानदार प्रदर्शन के बाद, वह 2022 सैफ़ चैंपियनशिप स्क्वाड और क्रोएशियाई महिला लीग में खेल चुकी हैं।

[news_related_post]

किरण का मानना है कि टीम का प्रदर्शन व्यक्तिगत खिलाड़ी के आत्मविश्वास को प्रभावित करता है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मंच ने उनके और अन्य जनजातीय खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने और बड़े सपने देखने का अवसर दिया। उनका फोकस फिलहाल इंडियन वुमेंस लीग और राष्ट्रीय टीम में नियमित जगह बनाने पर है, लेकिन उनका लक्ष्य उससे भी बड़ा है – बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *