विश्व कप तीरंदाजी 2026 के दूसरे चरण में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रच दिया, जबकि पुरुष टीम को पहले ही दौर में निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। गुरुवार का दिन भारतीय तीरंदाजी के लिए खुशी और आत्ममंथन दोनों लेकर आया।
भारतीय महिला टीम की स्टार तिकड़ी दीपिका कुमारी, अंकिता भकत और कुमकुम मोहोद ने सेमीफाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक की उम्मीदों को मजबूत कर दिया। दबाव भरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया।
मैच की शुरुआत से ही भारत ने आक्रामक अंदाज दिखाया। पहले सेट में भारतीय टीम ने छह में से चार तीरों पर परफेक्ट 10 अंक हासिल करते हुए 58-55 की बढ़त बनाई। दूसरे सेट में मुकाबला 56-56 से बराबरी पर रहा, जिससे भारत ने 3-1 की बढ़त कायम रखी। निर्णायक सेट में भारत ने 58-56 से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
इससे पहले भारतीय टीम ने उज्बेकिस्तान को 6-2 से हराया था, जबकि क्वार्टर फाइनल में वियतनाम को रोमांचक शूटऑफ में 5-4 से मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई थी। अब रविवार को स्वर्ण पदक मुकाबले में भारत का सामना चीन से होगा।
हालांकि दक्षिण कोरियाई टीम अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नजर नहीं आई, क्योंकि उनका मुख्य फोकस आगामी एशियाई खेलों पर है, फिर भी भारतीय महिला टीम की यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
वहीं पुरुष रिकर्व टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। तरुणदीप रॉय, धीरज बोम्मादेवरा और यशदीप भोगे की अनुभवी तिकड़ी बांग्लादेश के खिलाफ पहले ही मुकाबले में 6-2 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
पहले सेट में 52-55 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम दूसरे और तीसरे सेट में 54-54 और 53-53 की बराबरी करने में सफल रही, लेकिन चौथे सेट में बांग्लादेश ने 57-53 से जीत दर्ज कर भारत की चुनौती समाप्त कर दी। मुकाबले के दौरान भारतीय तीरंदाज लय और सटीकता के लिए संघर्ष करते नजर आए।
रिपोर्टर : Harsh Kumar Meena