डायमंड लीग 2026 के आगामी चरणों में भारतीय एथलेटिक्स एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है। इस बार सभी की निगाहें दो प्रमुख एथलीटों — पारुल चौधरी और भाला फेंक खिलाड़ी सचिन यादव — पर टिकी हैं, जो अलग-अलग स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
रोम में 4 जून को होने वाले भाला फेंक इवेंट में सचिन यादव अपने डायमंड लीग करियर की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस प्रतियोगिता में उनके सामने एंडरसन पीटर्स, जूलियन वेबर और थॉमस रोहलर जैसे विश्व स्तरीय दिग्गज चुनौती पेश करेंगे। पिछले सीज़न में विश्व चैंपियनशिप में 86.27 मीटर का प्रभावशाली थ्रो कर चौथा स्थान हासिल करने वाले सचिन इस बार अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने के इरादे से उतरेंगे।
दूसरी ओर, महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में पारुल चौधरी भारतीय चुनौती का नेतृत्व करेंगी। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता पारुल, फेथ चेप्टेगई और नोराह जेरुटो जैसी शीर्ष धावकों के खिलाफ अपनी क्षमता साबित करने की कोशिश करेंगी। शंघाई डायमंड लीग से शुरुआत करते हुए पारुल अपने सीज़न को मजबूत आधार देने के लक्ष्य से मैदान में उतरेंगी।
नीरज चोपड़ा की पीठ की चोट के चलते अनुपस्थिति के बीच भारतीय उम्मीदों का भार अब युवा खिलाड़ियों पर आ गया है, जिससे इस सीज़न की प्रतिस्पर्धा और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
यह चरण भारतीय एथलीटों के लिए न केवल पदक जीतने का अवसर है, बल्कि विश्व स्तर पर अपनी तैयारी और लय को परखने का भी एक अहम मंच साबित होगा।
