INDIA, INTERNATIONAL

असुंता लाकड़ा के आरोपों की जांच स्वतंत्र समिति से कराने की मांग

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने खेल मंत्रालय को भेजा मेल

कार्यकारिणी सदस्यों से गोपनीयता बनाए रखने की अपील

नई दिल्ली। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने पूर्व भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी असुंता लाकड़ा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न, दुर्व्यवहार और डराने-धमकाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए खेल मंत्रालय से स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया है। दिलीप तिर्की का कहना है कि चूंकि आरोप हॉकी इंडिया के एक पदाधिकारी से जुड़े हैं, इसलिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के जरिए जांच कराने पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

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खेल मंत्रालय ने हाल ही में हॉकी इंडिया को निर्देश दिया था कि वह असुंता लाकड़ा की ओर से लगाए गए उत्पीड़न और धमकी के आरोपों की जांच के लिए अपनी आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए। इसके जवाब में बुधवार को खेल मंत्रालय को भेजे गए ईमेल में टिर्की ने कहा, ‘हॉकी इंडिया इन आरोपों को बेहद गंभीरता से लेता है और खिलाड़ियों की सुरक्षा, गरिमा और संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि, चूंकि आरोप हॉकी इंडिया के कुछ पदाधिकारियों से जुड़े हैं, इसलिए मामले को हॉकी इंडिया की आईसीसी के पास भेजने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं।’

श्री तिर्की ने मंत्रालय से आग्रह किया कि मामले की जांच के लिए हॉकी इंडिया से असंबद्ध व्यक्तियों की स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए, ताकि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र तरीके से हो सके। दिलीप टिर्की ने अपने ईमेल में यह भी भरोसा दिलाया कि यदि मंत्रालय स्वतंत्र जांच समिति गठित करता है तो हॉकी इंडिया जांच में पूरा सहयोग करेगा।

इससे पहले असुंता लाकड़ा ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि हॉकी इंडिया यौन उत्पीड़न, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और उन्हें डराने-धमकाने के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को संरक्षण दे रहा है। असुंता लाकड़ा ने विशेष रूप से हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर उन्हें डराने-धमकाने का आरोप लगाया है।

कार्यकारिणी सदस्यों से गोपनीयता बनाए रखने की अपील

दिलीप टिर्की ने हॉकी इंडिया की कार्यकारिणी के सदस्यों को भी ईमेल भेजकर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने सभी सदस्यों से जांच पूरी होने तक पूर्ण गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी ऐसी टिप्पणी या कार्रवाई से बचने की अपील की, जिससे जांच प्रभावित हो सकती हो। उन्होंने लिखा, ‘चूंकि शिकायतकर्ता और आरोपित, दोनों ही हॉकी इंडिया की कार्यकारिणी के सदस्य हैं, इसलिए हॉकी इंडिया की अपनी आईसीसी के माध्यम से जांच कराना उचित नहीं होगा।’ साथ ही उन्होंने सभी सदस्यों से जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की सार्वजनिक टिप्पणी या हस्तक्षेप से बचने का अनुरोध किया।

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