रायपुर / भिलाई / बिलासपुर (छत्तीसगढ़):
भारत को शतरंज की दुनिया में महाशक्ति बनाने और जमीनी स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक मुहीम की शुरुआत हुई है। अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी और अनुभवी कोच मनीष कुमार (संस्थापक एवं मुख्य कोच, नॉन स्टॉप चेस Academy) प्रदेश के अलग-अलग शहरों में पहुंचकर बच्चों व युवाओं को शतरंज की कोचिंग दे रहे हैं।
मनीष कुमार का विज़न केवल खेल सिखाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के दूर-दराज और छोटे शहरों से ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना है जो आगे चलकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा लहरा सकें।
डिजिटल दौर में बोर्ड पर ‘माइंड गेम’ का जादू
आज के समय में जहाँ बच्चे स्क्रीन और मोबाइल गेम्स में व्यस्त रहते हैं, वहीं मनीष कुमार की यह पहल उनमें मानसिक एकाग्रता, तर्कशक्ति और रणनीतिक सोच (Strategic Thinking) को विकसित कर रही है।
छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में आयोजित की जा रही इन फ्री चेस वर्कशॉप्स में हर उम्र के बच्चे और युवा भारी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।
बारीकियों (Tactics & Strategies) पर विशेष ध्यान
अक्सर देखा जाता है कि खेल की पेशेवर ट्रेनिंग काफी खर्चीली होती है, जिसके कारण प्रतिभाशाली बच्चे सही मार्गदर्शन से वंचित रह जाते हैं। मनीष कुमार इसी खाई को पाटने का काम कर रहे हैं। अपनी विशेष कक्षाओं में वे खिलाड़ियों को:
* ओपनिंग एवं एंडगेम ट्रिक्स: खेल की शुरुआत और अंत में की जाने वाली सटीक चालें।
* मिडल-गेम टैक्टिक्स: पिन, फोर्क, सैक्रिफाइस और पोजीशन का विश्लेषण।
* टूर्नामेंट टेंपरामेंट: बड़े टूर्नामेंट में मानसिक दबाव और घड़ी (Clock Control) को संभालने के गुर।
“हर शहर से निकलेगा एक ग्रैंडमास्टर” — मनीष कुमार
अपनी इस मुहीम के बारे में बात करते हुए ‘नॉन स्टॉप चेस एकेडमी’ के फाउंडर एवं हेड कोच मनीष कुमार ने कहा:
> “छत्तीसगढ़ के बच्चों में अपार क्षमता और शार्प माइंड है। उन्हें बस एक सही दिशा और तकनीकी बारीकियों को समझने की जरूरत है। मेरा लक्ष्य है कि आर्थिक तंगी या मार्गदर्शन की कमी के कारण किसी भी बच्चे का सपना न टूटे। ‘नॉन स्टॉप चेस एकेडमी’ के माध्यम से हम भारत के लिए शतरंज का नया स्वर्णिम दौर तैयार करने में लगे हैं।”
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अभिभावकों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह
मनीष कुमार की इस समर्पण की तारीफ पूरे प्रदेश में हो रही है। विभिन्न शहरों के खेल संघों, स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने उनके इस प्रयास की सराहना की है। लोगों का मानना है कि इस प्रकार की सकारात्मक पहल से छत्तीसगढ़ न केवल खेलों के नक्शे पर उभरेगा, बल्कि युवाओं को एक नई और अनुशासित दिशा भी मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के युवाओं को ‘शतरंज का वज़ीर’ बना रहे इंटरनेशनल खिलाड़ी मनीष कुमार; विभिन्न शहरों में दे रहे कोचिंग
20
Jul