ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पैरा एथलीट Sharmila Dhankhar ने महिला शॉटपुट एफ-57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत को प्रतियोगिता का दूसरा स्वर्ण मिला और देश की कुल पदक संख्या 10 तक पहुंच गई।
फाइनल में घाना की Zinabu Issah ने रजत, जबकि नाइजीरिया की Ugochi Iyaji ने कांस्य पदक जीता। भारत की Shilpa चौथे स्थान पर रहीं।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के छितरौली गांव की रहने वाली शर्मिला का सफर संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति का उदाहरण है। बचपन में पोलियो से प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना किया और 34 वर्ष की आयु में पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा। राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के बाद अब उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतकर देश का नाम रोशन किया।
[news_related_post]शर्मिला की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद उनके पैतृक गांव छितरौली और पूरे हरियाणा में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिजनों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया तथा उनकी सफलता को युवा खिलाड़ियों, खासकर पैरा एथलीटों के लिए प्रेरणादायक बताया। भारत के खाते में अब तक 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 10 पदक दर्ज हो चुके हैं।