भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ और टेस्ट क्रिकेट के भरोसेमंद स्तंभ अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। वर्ष 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक शामिल हैं।
अजिंक्य रहाणे को उनकी शांत बल्लेबाज़ी, विदेशी सरज़मीं पर शानदार प्रदर्शन और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता के लिए हमेशा याद किया जाएगा। विशेष रूप से 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नियमित कप्तान की अनुपस्थिति में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए 2-1 से ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ जीत दिलाई, जिसे भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है।
रहाणे ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशंसकों, साथी खिलाड़ियों और अपने परिवार का आभार व्यक्त करते हुए अपने संन्यास की घोषणा की। उनके इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत से उन्हें लगातार शुभकामनाएँ और श्रद्धांजलि संदेश मिल रहे हैं।
[news_related_post]हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद भी अजिंक्य रहाणे के घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ी लीगों से जुड़े रहने की संभावना जताई जा रही है। उनके योगदान को भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।