अंतर-विद्यालय खेल महाकुंभ का आगाज़ 13 फरवरी से
शारीरिक शिक्षा, योग एवं खेल विज्ञान विभाग द्वारा माननीय कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में 13 फरवरी 2026 से 18 फरवरी 2026 तक अंतर-विद्यालय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से विद्यार्थियों की अत्यंत उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली है, जो खेलों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

उद्घाटन से पूर्व प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ विभागाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा प्रो. रत्नेश सिंह के नेतृत्व में शारीरिक शिक्षा, योग एवं खेल विज्ञान विभाग के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों के सहयोग से सुव्यवस्थित एवं योजनाबद्ध रूप से पूर्ण कर ली गई हैं। विभिन्न विद्यालयों से 2600 से अधिक खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में भाग लेने हेतु अपनी प्रविष्टियाँ भेजी हैं। प्रतियोगिता में फुटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी, खो-खो, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, शतरंज, एथलेटिक्स, रस्साकशी तथा स्लो साइकिल रेस जैसे खेल शामिल हैं।
सभी प्राप्त प्रविष्टियों की जाँच कर पात्रता का सत्यापन आयोजन समिति द्वारा किया गया। प्रत्येक खेल के लिए प्रतियोगिता कार्यक्रम एवं मैच फिक्स्चर तैयार कर संबंधित विद्यालयों को समय से अवगत कराया गया। आयोजन सचिव डॉ. महेश सिंह धपोला के कुशल समन्वय में विभाग के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों को विभिन्न दायित्व सौंपे गए तथा निर्णायकों, रेफरी, तकनीकी अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उनके कार्यों का स्पष्ट निर्धारण किया गया।
उद्घाटन से पूर्व खेल मैदानों एवं कोर्टों की समुचित तैयारी विभाग के स्टाफ एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास से सुनिश्चित की गई। फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इनडोर हॉल तथा अन्य खेल स्थलों पर आवश्यक मार्किंग की गई एवं खेल सामग्री की जाँच की गई। खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक उपचार, चिकित्सकीय सहायता तथा पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
कुल मिलाकर, माननीय कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल के संरक्षण तथा विभागाध्यक्ष प्रो. रत्नेश सिंह, आयोजन सचिव डॉ. महेश सिंह धपोला एवं शारीरिक शिक्षा, योग एवं खेल विज्ञान विभाग के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों के सक्रिय सहयोग से प्रतियोगिता से पूर्व की सभी व्यवस्थाएँ सफलतापूर्वक पूर्ण की गई हैं। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में खेल भावना, शारीरिक दक्षता, अनुशासन, टीम भावना एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।