पदमश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने रचा इतिहास, कुक स्ट्रेट पार करने वाले पहले एशियाई पैरा तैराक बने
भारत के लिए गर्व का क्षण है। पदमश्री सम्मान से अलंकृत पैरा तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया ने न्यूज़ीलैंड के चुनौतीपूर्ण कुक स्ट्रेट को पार कर इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले एशियाई पैरा-स्विमर बन गए हैं।
कुक स्ट्रेट दुनिया के सबसे कठिन समुद्री मार्गों में गिना जाता है, जहां तेज़ धाराएं, ठंडा पानी और अनिश्चित मौसम तैराकों की कड़ी परीक्षा लेते हैं। सत्येंद्र सिंह लोहिया ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, अनुशासन और वर्षों की कड़ी मेहनत के बल पर इस असंभव मानी जाने वाली चुनौती को संभव कर दिखाया।
उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। सत्येंद्र सिंह लोहिया की सफलता यह संदेश देती है कि हौसलों के आगे कोई सीमा नहीं होती।
देशभर से उन्हें बधाइयाँ मिल रही हैं और उनकी इस उपलब्धि को भारतीय खेल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जा रहा है।

