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तीन साल बाद राजस्थान टेबल टेनिस एसोसिएशन को मिली राष्ट्रीय मान्यता

तीन साल बाद राजस्थान टेबल टेनिस एसोसिएशन को मिली राष्ट्रीय मान्यता

जोधपुर। राजस्थान टेबल टेनिस एसोसिएशन को लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार भारतीय टेबल टेनिस महासंघ से औपचारिक मान्यता प्राप्त हो गई है। यह निर्णय 28 जनवरी को आयोजित महासंघ की वार्षिक आम बैठक (AGM) में लिया गया। इस मान्यता के मिलने से राज्य के खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, शिक्षा, सरकारी नौकरियों और खेल पुरस्कारों के रास्ते फिर से खुल गए हैं।

इस उपलब्धि को लेकर जोधपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में एसोसिएशन अध्यक्ष मुकुल गुप्ता, सचिव संजय गहलोत और तकनीकी समिति सदस्य अनिल दुबे ने संयुक्त रूप से मीडिया को जानकारी दी। अध्यक्ष मुकुल गुप्ता ने बताया कि यह फैसला केवल संस्था के लिए नहीं, बल्कि राजस्थान के हजारों टेबल टेनिस खिलाड़ियों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से मान्यता के अभाव में खिलाड़ी कई अवसरों से वंचित हो रहे थे। अब मान्यता मिलने के बाद वे दोबारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे, साथ ही सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, खेल पुरस्कारों और रोजगार से जुड़े लाभ भी प्राप्त कर पाएंगे। यह सफलता हर खिलाड़ी की जीत है।

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1956 से खेल विकास में सक्रिय है एसोसिएशन

प्रेस वार्ता में सचिव संजय गहलोत ने बताया कि राजस्थान टेबल टेनिस एसोसिएशन वर्ष 1956 से प्रदेश में टेबल टेनिस के विकास के लिए लगातार कार्यरत है। जयपुर सहित विभिन्न शहरों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया जा चुका है। अजमेर स्थित अकादमी से निकले कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान से अब तक 25 अंतरराष्ट्रीय अंपायर, दो अंतरराष्ट्रीय निर्णायक और अनेक तकनीकी अधिकारी तैयार हुए हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। महासंघ अध्यक्ष मेघना अहलावत के हस्तक्षेप के बाद लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हुआ और मान्यता का मार्ग प्रशस्त हुआ।

समानांतर संगठन की साजिश रही असफल

तकनीकी समिति सदस्य अनिल दुबे ने बताया कि वर्ष 2022 में निजी स्वार्थों के चलते एक समानांतर संगठन गठित किया गया, जिससे खिलाड़ियों को गंभीर नुकसान झेलना पड़ा। बिना नियमों और चुनाव प्रक्रिया के चलाए गए इस संगठन के कारण खिलाड़ियों के प्रवेश, अनुदान और रोजगार के अवसर बाधित हो गए थे।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने इस मुद्दे को लेकर न्यायालय और प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष किया। अंततः भारतीय टेबल टेनिस महासंघ की जांच समिति ने राजस्थान टेबल टेनिस एसोसिएशन के पक्ष में निर्णय दिया। अब मान्यता मिलने के बाद राजस्थान के खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हो गया है।

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