
उप मुख्यमंत्री एवं खेल तथा युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न खेलों जैसे एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती के साथ-साथ प्रदर्शन खेलों मलखंब और कबड्डी के लिए बनाए जा रहे मैदानों और सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में खिलाड़ियों के ठहरने, आने-जाने और भोजन की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खिलाड़ियों को बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी खेल स्थलों पर चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने, इमरजेंसी उपचार की व्यवस्था, मेडिकल किट और पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।

बैठक में खिलाड़ियों के ठहरने, आने-जाने और भोजन की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खिलाड़ियों को बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी खेल स्थलों पर चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने, इमरजेंसी उपचार की व्यवस्था, मेडिकल किट और पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।
[news_related_post]इसके अलावा खेल उपकरणों की समय पर स्थापना, उद्घाटन और समापन समारोह की तैयारियां, तथा आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी केसाथ अपने दायित्व निभाने और समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया।
यह आयोजन करीब दस दिनों तक चलेगा, जिसमें देश के 32 राज्यों से लगभग 3000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि भी इस समीक्षा बैठक में उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।