झांसी/हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित मुलचंद त्यागी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित यूथ पुरुष राज्य स्तरीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में झांसी के मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, झांसी के खिलाड़ियों ने रिंग में आक्रामक खेल, सटीक पंच और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
प्रतियोगिता के दौरान झांसी के खिलाड़ियों ने हर मुकाबले में आत्मविश्वास और संयम का परिचय दिया। विरोधी खिलाड़ियों पर शुरुआती राउंड से ही दबाव बनाते हुए झांसी के मुक्केबाजों ने निर्णायकों को प्रभावित किया और लगातार जीत दर्ज कर टीम को शीर्ष स्थान दिलाया।
🥊 पदकों की बारिश, झांसी का दबदबा कायम
टीम के कोच सुनील कुमार के कुशल मार्गदर्शन और कठिन प्रशिक्षण का परिणाम खिलाड़ियों के प्रदर्शन में साफ नजर आया। झांसी के पांच मुक्केबाजों ने विभिन्न भार वर्गों में पदक जीतकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई—
आर्यन शर्मा (60 किग्रा) – शानदार फुर्ती और आक्रामक खेल के साथ स्वर्ण पदक
पृथ्वी ठाकुर (65 किग्रा) – दमदार पंच और रणनीतिक खेल से स्वर्ण पदक
हिमांशु यादव (80 किग्रा) – कड़े मुकाबले में संघर्ष करते हुए रजत पदक
शुभम यादव (55 किग्रा) – तकनीकी कौशल से कांस्य पदक
अनुज गिरी (70 किग्रा) – संतुलित प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक
इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने झांसी को ओवरऑल चैंपियन बनाकर प्रदेश में एक नई पहचान दिलाई।

🌟 जीत के बाद झांसी में जश्न का माहौल
चैंपियन टीम के झांसी लौटने पर मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में भव्य स्वागत किया गया। “चक दे झांसी” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। खिलाड़ियों को फूल-मालाओं से सम्मानित किया गया और मिठाइयां बांटकर खुशी साझा की गई।
इस अवसर पर अर्जुन अवॉर्डी एवं ओलंपियन सतीश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि झांसी के इन मुक्केबाजों में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की क्षमता है और यदि इसी तरह मेहनत जारी रही तो वे ओलंपिक में भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी कर्मवीर सिंह सहित कई खेल अधिकारियों और वरिष्ठ खिलाड़ियों ने विजेताओं का उत्साहवर्धन किया।
🎯 कोच का विश्वास – “अभी शुरुआत है”
टीम के कोच सुनील कुमार ने खिलाड़ियों की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता लंबे समय तक किए गए कठिन प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि टीम का अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतना है।
उन्होंने यह भी कहा कि झांसी में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है तो सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर की—और यह जीत उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।