भारतीय युवा मुक्केबाजों ने एशियन अंडर-15 बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में कुल 27 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। भारत के खाते में 9 स्वर्ण, 6 रजत और 12 कांस्य पदक आए। खास बात यह रही कि भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला वर्ग की मेडल टैली में शीर्ष स्थान हासिल किया।
भारतीय बेटियों ने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा कायम रखते हुए 7 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। 37 किलोग्राम वर्ग में अंजी ने कजाकिस्तान की नूरझानत बेकनाजार को 5-0 से हराकर गोल्ड जीता। 40 किलोग्राम वर्ग में सोनिया ने उज्बेकिस्तान की बोमिनाखोन को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से मात दी।
43 किलोग्राम वर्ग में तन्वी ने चीनी ताइपे की हान-हसी चेन को पहले ही राउंड में मुकाबला छोड़ने पर मजबूर कर दिया। वहीं 46 किलोग्राम वर्ग में हंसिका अत्री ने कजाकिस्तान की सबरीना आदिलखानोवा को आरएससी के जरिए हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
58 किलोग्राम वर्ग में सुनैना और 61 किलोग्राम वर्ग में भूमिका ने भी शानदार जीत दर्ज करते हुए भारत की झोली में गोल्ड डाले। 70 किलोग्राम वर्ग में एंजेल ने उज्बेकिस्तान की खोंजोदाबेगीम बारातोवा को 4-1 से हराकर महिला वर्ग के अभियान का स्वर्णिम अंत किया।
पुरुष वर्ग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया। 33 किलोग्राम वर्ग में यश कुमार ने कजाकिस्तान के सयात राखिम्बरदी को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं 58 किलोग्राम वर्ग में मोहम्मद यासिर ने उज्बेकिस्तान के अब्दुलोह करीमजोनोव को करीबी मुकाबले में 3-2 से मात देकर भारत को नौवां स्वर्ण दिलाया।

हालांकि कुछ फाइनल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन युवा मुक्केबाजों की फाइटिंग स्पिरिट और जुझारूपन ने सभी का दिल जीत लिया।
27 पदकों के साथ समाप्त हुआ यह अभियान भारतीय मुक्केबाजी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत तस्वीर पेश करता है। युवा खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि भारत आने वाले समय में विश्व मुक्केबाजी में बड़ी ताकत बनकर उभर सकता है।
