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अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलन के साथ विश्व कप में उतरेगा भारत

नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम अगले महीने बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित होने वाले एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलित संयोजन के साथ चुनौती पेश करेगी। हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की, जिसकी कप्तानी सलीमा टेटे को सौंपी गई है।

विश्व कप का आयोजन 15 से 30 अगस्त के बीच होगा। चयनित टीम वही है, जिसे आगामी एशियाई खेलों के लिए भी तैयार किया गया है। टीम हाल ही में न्यूजीलैंड में खेले गए एफआईएच नेशंस कप में अपराजित रहते हुए खिताब जीत चुकी है, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।

मुख्य कोच स्योर्ड मारिजने के अनुसार टीम का चयन अनुभव और युवा ऊर्जा के संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय शिविर में कड़ी मेहनत की है और विश्व की मजबूत टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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भारत को विश्व कप के पूल-डी में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगी। इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से मुकाबला होगा। सभी ग्रुप मैच नीदरलैंड के एम्स्टेलवीन स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे।

भारतीय टीम

गोलकीपर: सविता, बिचू देवी खारीबाम

डिफेंडर: इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरंबम, लालथंतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास

मिडफील्डर: निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग

फॉरवर्ड: लालरेम्सियामी, रुतुजा दादासो पिसल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग

देशभर में शुरू होंगी कोचिंग और रेफरी शिक्षा कार्यशालाएं

हॉकी इंडिया शनिवार से देशभर में कोचिंग और रेफरी शिक्षा कार्यशालाओं का आयोजन शुरू करेगा। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों को आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों से परिचित कराना है।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से आयोजित यह पहल देश में हॉकी के विकास को नई दिशा देगी। उनका मानना है कि प्रशिक्षित कोचों और तकनीकी अधिकारियों का मजबूत नेटवर्क तैयार होने से जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध होगा और भारतीय हॉकी को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

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