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नई शिक्षा नीति के अनुरूप क्रीड़ा अधिकारियों की पदनाम परिवर्तन मुहिम तेज, 100 अधिकारियों ने आयुक्त को भेजे आवेदन

भोपाल। मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत वर्ष *2019 बैच के लगभग 100 क्रीड़ा अधिकारियों ने “क्रीड़ा अधिकारी” का पदनाम बदलकर “सहायक प्राध्यापक (शारीरिक शिक्षा)” किए जाने तथा सेवानिवृत्ति आयु सहायक प्राध्यापक के समान निर्धारित करने की मांग को लेकर आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय, भोपाल को तहसील,जिला एवं संभाग स्तर के महाविद्यालयों में पदस्थ क्रीड़ा अधिकारी आवेदन भेजे हैं।*

आवेदन में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, यूजीसी विनियम तथा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “फिट इंडिया” और “खेलो इंडिया” अभियान शारीरिक शिक्षा को शिक्षा का अभिन्न अंग मानते हैं। क्रीड़ा अधिकारियों की नियुक्ति भी मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्राध्यापक के समान शैक्षणिक योग्यता पर हुई है तथा वे अध्यापन, योग, फिटनेस, खेल प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास जैसे शैक्षणिक दायित्व निभा रहे हैं।

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क्रीड़ा अधिकारियों का कहना है कि समान वेतनमान एवं समान शैक्षणिक दायित्व होने के बावजूद वर्तमान पदनाम उनकी अकादमिक पहचान को प्रभावित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पदनाम परिवर्तन से *शासन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।* उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में ऐसी व्यवस्था पहले से लागू है। रीवा में पिछले सप्ताह क्रीड़ा अधिकारीयों द्वारा मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल जी को इस मांग को लेकर ज्ञापन दिया।
क्रीड़ा अधिकारीयों ने बताया इस सप्ताह से प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी इस मांग को लेकर ज्ञापन दिए जाएंगे और अब यह अभियान पूरे प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ेगा।

आज माननीय उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला जी से क्रीड़ा अधिकारी पदनाम परिवर्तन हेतु ज्ञापन रीवा जिले के क्रीड़ा अधिकारियों (डॉ हबीब खान, डॉ रवेंद्र सिंह, डॉ उपेंद्र पांडेय, डॉ बेनू माधव पांडेय, डॉ अभिषेक कुमार, डॉ राहुल शर्मा) द्वारा दिया गया ।

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