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इतिहास रचा भारत की श्रवण बाधित महिला क्रिकेट टीम ने, श्रीलंका में 5-0 से जीती पहली अंतरराष्ट्रीय टी-20 श्रृंखला

मोरातुवा (श्रीलंका), 13 जुलाई। भारत और श्रीलंका की श्रवण बाधित (Hearing Impaired/Deaf) महिला क्रिकेट टीमों के बीच आयोजित पहली ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट श्रृंखला का भव्य समापन मोरातुवा के प्रसिद्ध डी सोयसा क्रिकेट स्टेडियम में हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन ने न केवल दोनों देशों के खेल संबंधों को नई मजबूती प्रदान की, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल भावना को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई।

श्रृंखला के फाइनल मुकाबले एवं समापन समारोह में श्रीलंका के युवा एवं खेल मंत्री श्री सुनील कुमारा गमगे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए दोनों देशों की महिला खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल देशों के बीच मित्रता और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ भविष्य में और अधिक आयोजित की जानी चाहिए।

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यह ऐतिहासिक टी-20 श्रृंखला भारत और श्रीलंका की श्रवण बाधित महिला क्रिकेट टीमों के बीच पहली अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला थी। इस आयोजन का उद्देश्य दोनों देशों की श्रवण बाधित महिला खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अवसर प्रदान करना, खेल भावना को बढ़ावा देना तथा दिव्यांग खिलाड़ियों को मुख्यधारा के खेलों में अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना था।

भारतीय टीम ने पूरी श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक भी मैच नहीं गंवाया और पाँच मैचों की टी-20 श्रृंखला 5-0 से जीतकर इतिहास रच दिया। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण—तीनों विभागों में भारतीय खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मेजबान श्रीलंका को हर मुकाबले में पछाड़ दिया। इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय श्रवण बाधित महिला क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।

श्रृंखला के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने अनुशासन, टीमवर्क और अदम्य आत्मविश्वास का परिचय दिया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने क्लीन स्वीप कर यह यादगार उपलब्धि अपने नाम की।

समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में भारत के उच्चायोग, श्रीलंका की उप उच्चायुक्त श्रीमती मैत्री कुलकर्णी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने भारतीय टीम को ऐतिहासिक विजय पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत की प्रत्येक बेटी और विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

टूर्नामेंट के प्रमुख पुरस्कार

🏏 सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़: नीदा शाबी शेख (भारत)

🎯 सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़: चुंदानी खान (भारत)

⭐ प्लेयर ऑफ द सीरीज़: रेड्डी जैश्नु (भारत)

इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया और भारतीय टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर श्रीलंका के सांसद सुगत वसंथा, मोरातुवा के महापौर निशांथा फर्नांडो, इंडियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन (IDCA) के अध्यक्ष सुमित जैन, श्रीलंका डेफ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद नैज़र सहित दोनों देशों के अनेक खेल प्रशासक, अधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान श्रीलंका के युवा एवं खेल मंत्री ने डी सोयसा स्टेडियम की खेल अवसंरचना का निरीक्षण भी किया तथा खेल सुविधाओं के विकास के लिए आवश्यक सुधार और सरकारी सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार खेल अवसंरचना को और अधिक आधुनिक बनाने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

भारत की इस ऐतिहासिक विजय ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी भी शारीरिक चुनौती की मोहताज नहीं होती। भारतीय श्रवण बाधित महिला क्रिकेट टीम ने अपने साहस, मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन से पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि केवल एक श्रृंखला जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांग खेलों के इतिहास में एक नई प्रेरणादायक मिसाल के रूप में हमेशा याद रखी जाएगी।

भारत की बेटियों की यह ऐतिहासिक सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और दिव्यांग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का नया आत्मविश्वास प्रदान करेगी।

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