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झांसी के मिश्रीलाल का राष्ट्रीय ट्रैक पर जलवा, 66 वर्ष की उम्र में जीते 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल 🏆

झांसी। कहते हैं कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और मेहनत के आगे उम्र भी छोटी पड़ जाती है। इस बात को झांसी के 66 वर्षीय मास्टर्स एथलीट मिश्रीलाल जी ने एक बार फिर साबित कर दिखाया है। हाल ही में आयोजित मास्टर्स SBKF राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 65+ आयु वर्ग में दो स्वर्ण पदक (Gold Medal) और एक रजत पदक (Silver Medal) जीतकर झांसी, बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है।
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए अनुभवी और दिग्गज मास्टर्स खिलाड़ियों ने भाग लिया था। कड़े मुकाबले और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच मिश्रीलाल जी ने अपने अनुभव, फिटनेस और अदम्य आत्मविश्वास के दम पर बेहतरीन प्रदर्शन किया।
🥇 400 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में उन्होंने शानदार गति और संतुलन का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
🥇 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में भी उन्होंने अपनी सटीक तकनीक और बेहतरीन टाइमिंग के दम पर दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
🥈 100 मीटर फर्राटा दौड़ में देशभर के तेज धावकों के बीच रोमांचक मुकाबले में उन्होंने रजत पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की।
मिश्रीलाल जी की यह सफलता कोई पहली उपलब्धि नहीं है। वे वर्षों से विभिन्न राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते आ रहे हैं और उनके नाम सैकड़ों पदक दर्ज हैं। खेल के प्रति उनका समर्पण और अनुशासित जीवनशैली आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
खेल उपलब्धियों के साथ-साथ मिश्रीलाल जी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं। वे स्वयं नियमित अभ्यास करने के साथ-साथ युवाओं और मास्टर्स एथलीटों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल मेडल जीतना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, फिटनेस और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना भी है।
आज के दौर में जब अनेक युवा मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और नशे जैसी बुरी आदतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, ऐसे समय में मिश्रीलाल जी उन्हें खेल मैदान की ओर प्रेरित कर रहे हैं। वे युवाओं को दौड़ और हर्डल्स की तकनीकी बारीकियां सिखाकर भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मिश्रीलाल जी की यह उपलब्धि न केवल झांसी बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मन में जुनून, शरीर में अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।
🌹 झांसी के गौरव, वरिष्ठ एथलीट मिश्रीलाल जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं।

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