पटना, 26 मार्च। बिहार में क्रिकेट खिलाड़ियों के चयन को लेकर एक कथित ऑडियो सामने आने के बाद खेल जगत में हलचल मच गई है। इस ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि टीम में जगह दिलाने के बदले पैसों की मांग की जा रही है और ‘सेटिंग’ के जरिए खिलाड़ियों को स्टेट कैंप तक पहुंचाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला पटना से सटे एक जिले से जुड़ा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वायरल बातचीत में एक व्यक्ति खुद को प्रभावशाली बताते हुए कहता सुनाई देता है कि आज के समय में बिना पैसे के न नौकरी मिलती है और न ही क्रिकेट में मौका। बातचीत के दौरान 50 से 60 हजार रुपये तक लेकर खिलाड़ियों को स्टेट कैंप में शामिल कराने की बात भी सामने आती है।
ऑडियो में “पोर्टल रजिस्ट्रेशन” प्रक्रिया का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया है कि जिला स्तर पर आईडी और पासवर्ड के जरिए खिलाड़ियों का पंजीकरण किया जाता है, और इसमें भी पैसों का लेन-देन होता है। यहां तक कहा गया कि हाल ही में एक खिलाड़ी का रजिस्ट्रेशन पैसे लेकर कराया गया।
[news_related_post]कुछ हिस्सों में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना पैसे दिए खिलाड़ियों को स्टेट कैंप में सक्रिय रूप से मौका नहीं दिया जाता। हालांकि इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
बातचीत में जूनियर (अंडर-16) खिलाड़ियों को टीम में शामिल कराना अपेक्षाकृत आसान बताया गया है, जबकि अंडर-19 स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धा होने की बात कही गई। साथ ही, पैसों के आधार पर “अच्छे खिलाड़ियों” को आगे बढ़ाने का दावा भी सुनाई देता है।
ऑडियो में खिलाड़ी पर यह दबाव भी दिखता है कि वह अपने परिजनों से बात करवाए, ताकि आर्थिक लेन-देन को अंतिम रूप दिया जा सके। हालांकि बातचीत में यह भी कहा गया कि कोई ऐसा काम नहीं किया जाएगा जिससे बदनामी हो।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद क्रिकेट प्रेमियों और अभिभावकों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जा सके। खबर है कि संबंधित खिलाड़ी ने यह ऑडियो जिले के वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दिया है।