रांची। भारतीय निशानेबाजी के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सात दिवसीय राष्ट्रीय कोचेस कोर्स का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें देशभर के कोचों को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस सघन प्रशिक्षण शिविर में 5 राज्यों के 33 कोचों ने भाग लिया, जिनमें मेजबान झारखंड के 19 कोचों की प्रभावशाली भागीदारी रही। कोर्स का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कोचिंग की गुणवत्ता को मजबूत करना और शूटिंग के लिए एक वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रणाली विकसित करना था।
🎯 ओलंपियन और विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों का संचालन अनुभवी ओलंपियन संजीव राजपूत और राष्ट्रीय टीम की कोच विद्या जादव ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को—
हथियार संचालन की सटीक तकनीक
त्रुटि सुधार के प्रभावी तरीके
अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी
जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया।
🧠 खेल विज्ञान पर विशेष फोकस
कोर्स की खासियत इसका समग्र (Holistic) दृष्टिकोण रहा, जिसमें खेल विज्ञान को प्रमुखता दी गई—
नानकी चड्ढा (खेल मनोविज्ञान):
मानसिक संतुलन, लक्ष्य निर्धारण, चिंता प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
चार्वी बाजाज (पोषण विशेषज्ञ):
सही आहार, हाइड्रेशन और रिकवरी की भूमिका पर विस्तृत जानकारी
विजयेंद्र पाल सिंह (स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग):
शरीर की स्थिरता, सही मुद्रा और थकान प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय
🧬 वैज्ञानिक आधार से जुड़ी ट्रेनिंग
पी.एन. विनील कुमार द्वारा मानव शरीर रचना (Anatomy) और बायोमैकेनिक्स पर आधारित सत्र ने कोचों को यह समझने में मदद की कि—
तकनीकी त्रुटियाँ शरीर की सीमाओं से कैसे जुड़ी होती हैं
मांसपेशियों की सक्रियता प्रदर्शन को कैसे प्रभावित करती है
🌟 निशानेबाजी के उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम
यह सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल कोचों के कौशल को निखारने में सफल रहा, बल्कि भारत में निशानेबाजी के लिए एक मजबूत, वैज्ञानिक और आधुनिक आधार तैयार करने की दिशा में भी अहम साबित हुआ। प्रशिक्षित कोच अब देशभर में नई प्रतिभाओं को तराशकर भविष्य के चैंपियंस तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भविष्य के चैंपियंस गढ़ेंगे 33 प्रशिक्षित कोच: एनआरएआई की पहल से निशानेबाजी को नई दिशा
25
Mar