ग्लास्गो, 29 जुलाई 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। हर पदक और हर बेहतरीन प्रदर्शन पूरे भारतीय दल के लिए नई प्रेरणा बन रहा है। टीम इंडिया के खिलाड़ी एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाते हुए यह साबित कर रहे हैं कि वे केवल अलग-अलग खेलों के प्रतिभागी नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
भारतीय अभियान की शुरुआत पैरा पावरलिफ्टिंग और वेटलिफ्टिंग में पदकों के साथ हुई। इसके बाद पैरा शॉट पुट में स्वर्ण और कांस्य तथा एथलेटिक्स में रजत पदक ने भारत के आत्मविश्वास को और मजबूत किया। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू के साथ ज्ञानेश्वरी देवी और बिंदियारानी देवी जैसे खिलाड़ियों ने वेटलिफ्टिंग में भारत की मजबूत पहचान को फिर साबित किया।
एथलेटिक्स में सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारतीय दल का उत्साह बढ़ाया। वहीं नीरज चोपड़ा, मुरली श्रीशंकर और तेजस्विन शंकर जैसे स्टार खिलाड़ी अपने मुकाबलों की तैयारी में जुटे हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि एक साथी की सफलता पूरे दल के आत्मविश्वास को बढ़ाती है।
[news_related_post]बॉक्सिंग और पैरा खेलों में भी यही टीम भावना देखने को मिल रही है। अनुभवी खिलाड़ी युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं, जबकि कोच, फिजियो, डॉक्टर और सहयोगी स्टाफ हर खिलाड़ी का समान रूप से उत्साहवर्धन कर रहे हैं। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने कहा कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं की सबसे बड़ी ताकत खिलाड़ियों के बीच आपसी सहयोग और एकजुटता होती है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग खेलों के खिलाड़ी एक-दूसरे की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं, क्योंकि वे सभी एक ही तिरंगे और एक ही टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। यही भावना खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाती है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में टीम इंडिया का यही संदेश है—“एक टीम, एक जज़्बा और हर जीत से मिलती नई प्रेरणा।”