Asian U-15 & U-17 Boxing Championships 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई मंच पर देश का परचम बुलंद कर दिया। उज्बेकिस्तान की राजधानी Tashkent में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय बेटियों ने दमदार खेल दिखाते हुए 12 पदक सुनिश्चित कर भारतीय मुक्केबाजी की ताकत का परिचय दिया।
भारतीय अभियान की शुरुआत राखी (46 किग्रा) ने शानदार अंदाज में की। उन्होंने चीनी ताइपे की मुक्केबाज को 5:0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की। खुशी (48 किग्रा) ने भी आक्रामक अंदाज अपनाते हुए कोरियाई खिलाड़ी को पहले ही राउंड में RSC के जरिए मात दी। ममता (52 किग्रा) ने जॉर्डन की प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड में हराकर भारत की बढ़त मजबूत की।
इसके बाद लक्ष्मी (54 किग्रा) ने मंगोलिया की खिलाड़ी को तीसरे राउंड में शिकस्त दी, जबकि नव्या (57 किग्रा) ने चीन की मुक्केबाज के खिलाफ 5:0 की शानदार जीत हासिल की। इशिका (60 किग्रा) ने भी मंगोलिया की चुनौती को दूसरे राउंड में समाप्त कर भारत के लिए एक और पदक पक्का किया।
दिन के आगे बढ़ने के साथ भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा और बढ़ता गया। हरनूर (66 किग्रा) और हिमांशी (70 किग्रा) ने चीनी ताइपे की खिलाड़ियों को पहले ही राउंड में बाहर कर दिया। ज्योति (75 किग्रा) को तुर्कमेनिस्तान की मुक्केबाज के अयोग्य घोषित होने का लाभ मिला, जबकि गुरसीरत (80+ किग्रा) ने कजाकिस्तान की खिलाड़ी को 4:0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
हालांकि, ओवी (50 किग्रा) को मेजबान उज्बेकिस्तान की खिलाड़ी के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में 2:3 से हार का सामना करना पड़ा, जो दिन का एकमात्र निराशाजनक परिणाम रहा।
लड़कों के वर्ग में भी भारत का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। नरेंद्र कुमार नेला (44-46 किग्रा) ने शानदार जीत दर्ज कर भारतीय दल का उत्साह बढ़ाया।

ताशकंद में भारतीय मुक्केबाजों के इस दमदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि भारत की युवा प्रतिभाएं अब एशियाई मुक्केबाजी में नई ताकत बनकर उभर रही हैं और आने वाले समय में विश्व मंच पर भी बड़ी सफलताओं की उम्मीद जगाई है।