नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा है कि उनके करियर के दो सबसे बड़े लक्ष्य आगामी हॉकी विश्व कप में भारत को पदक दिलाना और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में देश का प्रतिनिधित्व करना हैं। उनका मानना है कि इस बार भारतीय टीम विश्व कप से पदक जीतकर लौटने की पूरी क्षमता रखती है।
34 वर्षीय मनप्रीत सिंह पहले ही अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर चुके हैं। उन्होंने भारत के साथ टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक, 2014 और 2022 एशियाई खेलों में स्वर्ण तथा 2018 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता है। अब उनका लक्ष्य 1975 के बाद पहली बार भारत को हॉकी विश्व कप में पदक दिलाना है।
मनप्रीत ने कहा कि एक खिलाड़ी हमेशा नए लक्ष्य लेकर आगे बढ़ता है और वह अपने करियर के हर टूर्नामेंट को पूरी प्रतिबद्धता के साथ खेलना चाहते हैं। उनके अनुसार, खिलाड़ी का करियर लंबा नहीं होता और चोट जैसी परिस्थितियाँ कभी भी सामने आ सकती हैं, इसलिए हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना जरूरी है।
[news_related_post]हाल ही में भारत के लिए सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले मनप्रीत ने कहा कि उनकी पूरी तैयारी अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 पर केंद्रित है। इसके लिए वह अपनी फिटनेस और प्रदर्शन पर लगातार मेहनत कर रहे हैं।
विश्व कप की तैयारियों को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम का पेनल्टी कॉर्नर संयोजन काफी मजबूत है। हरमनप्रीत सिंह, संजय और अमित रोहिदास जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम की ताकत है। उन्होंने कहा कि यदि टीम रक्षा पंक्ति को मजबूत रखते हुए मिले मौकों का सही उपयोग करेगी, तो विश्व कप में पदक जीतने का सपना जरूर पूरा हो सकता है।