राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरे लगातार स्वर्ण पर नजर, एशियाई खेलों के लिए फिटनेस और रिकवरी को देंगी प्राथमिकता
नई दिल्ली। भारत की स्टार भारोत्तोलक और टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगी। यदि वह स्वर्ण हासिल करती हैं तो राष्ट्रमंडल खेलों में यह उनका लगातार चौथा पदक होगा। हालांकि चानू का मुख्य फोकस इस प्रतियोगिता से अधिक आगामी एशियाई खेलों पर है।
प्रतियोगिता की तैयारियों के दौरान चानू ने संकेत दिए कि ग्लासगो में वह अपने ऊपर अतिरिक्त दबाव नहीं डालेंगी। उनका उद्देश्य अच्छा प्रदर्शन करते हुए फिटनेस बनाए रखना और एशियाई खेलों के लिए बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना है। इसी कारण वह अपने अधिकतम भार उठाने की रणनीति अपनाने के बजाय संतुलित प्रदर्शन पर ध्यान देंगी।
[news_related_post]ग्लासगो में मीराबाई 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी, जबकि एशियाई खेलों में वह 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। ओलंपिक कार्यक्रम से 48 किलोग्राम वर्ग हटाए जाने के कारण यह इस वर्ग में उनका अंतिम बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट भी होगा। इससे पहले वह इस वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
इस बार मीराबाई चानू भारतीय दल की संयुक्त ध्वजवाहक भी होंगी। उन्होंने इसे अपने खेल जीवन का एक विशेष और भावनात्मक पल बताया। उनका कहना है कि उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामना लंबे समय से उनका सपना था, जो इस बार पूरा होने जा रहा है।
भारतीय टीम के कोच के अनुसार, महिला 48 किलोग्राम वर्ग में नाइजीरिया और मलेशिया की भारोत्तोलकों से चुनौती मिलने की संभावना है। हालांकि हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मीराबाई चानू इस स्पर्धा की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल मानी जा रही हैं।