पटना : बिहार की राजधानी पटना स्थित ऐतिहासिक मोइनुल हक स्टेडियम अब एक नए और भव्य रूप में सामने आने जा रहा है। वर्षों की वीरानी और उपेक्षा के बाद इस मैदान के पुनर्निर्माण की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। विकास भवन, पटना में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में खेल विभाग के अधिकारियों और बिहार क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर कई अहम निर्णय लिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि नए स्टेडियम में लगभग 40,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। उन्होंने कहा कि स्टेडियम को इस तरह विकसित किया जाएगा ताकि भविष्य में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े खेल आयोजनों का सफल आयोजन किया जा सके। उनका स्पष्ट कहना था कि पटना को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने के लिए आधुनिक सुविधाओं और सुव्यवस्थित प्रबंधन की आवश्यकता है।
बिहार क्रिकेट संघ ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए लगभग तीन वर्षों की समय-सीमा तय की है। निर्माण कार्य के दौरान खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, सुरक्षा व्यवस्था और पब्लिक मैनेजमेंट जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निर्माण कार्य के कारण वर्तमान SAI केंद्र से जुड़े 42 खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को पटना के अन्य उपयुक्त खेल केंद्रों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी ट्रेनिंग प्रभावित न हो। इस फैसले को खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
वहीं, पटना मेट्रो परियोजना ने भी सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए परिसर से अपने उपकरण और मशीनें हटा ली हैं तथा पूरा क्षेत्र बिहार क्रिकेट संघ को सौंप दिया है। स्थानीय थाने के स्थानांतरण को भी प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है, जिससे निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
खेल सचिव ने परियोजना की नियमित निगरानी के लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम को स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि यदि यह परियोजना तय समयसीमा के भीतर पूरी हो जाती है, तो मोइनुल हक स्टेडियम बिहार की खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नया मोइनुल हक स्टेडियम केवल एक खेल परिसर नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं के सपनों और राज्य की खेल प्रतिभा को नई पहचान देने वाला केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।
