
पटना, 30 मार्च। राजधानी पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर के इंडोर हॉल में सोमवार को शतरंज का अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब रूस के ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव ने एक साथ 36 खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला खेला। बिहार ओपन शतरंज टूर्नामेंट में उपविजेता रह चुके क्रियाकोव के सामने राज्य के युवा और उभरते खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरे।
यह मुकाबला साधारण नहीं था, बल्कि एक साथ कई बोर्ड पर खेला गया रोमांचक संघर्ष था। ग्रैंडमास्टर हर टेबल पर जाकर चाल चलते रहे, जबकि युवा खिलाड़ी पूरे धैर्य और सोच-समझ के साथ उनका सामना करते नजर आए। पूरे हॉल में सन्नाटा था, लेकिन हर खिलाड़ी के मन में रणनीति और जीत की कोशिश चल रही थी।
लगभग तीन घंटे तक चले इस मुकाबले में दर्शकों की निगाहें हर चाल पर टिकी रहीं। खिलाड़ियों के चेहरों पर एकाग्रता और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। यह मुकाबला केवल खेल नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और धैर्य की असली परीक्षा बन गया।
[news_related_post]इस दौरान 36 खिलाड़ियों में से तीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रैंडमास्टर को बराबरी पर रोक दिया। पटना के कुमार सृजन और अभिमन्यु कुमार के साथ भागलपुर के अभिजीत कुमार ने अपने-अपने मुकाबले ड्रॉ कर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इन खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव उनके खेल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
कार्यक्रम में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण भी मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनके प्रयासों की सराहना की। प्रतियोगिता के अंत में सभी प्रतिभागियों को ग्रैंडमास्टर के हस्ताक्षर वाले प्रमाण पत्र दिए गए, जबकि ड्रॉ करने वाले खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
यह आयोजन इस बात का संकेत है कि बिहार में शतरंज का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है और युवा खिलाड़ी बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।