ओंटारियो। भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही वह 18 वर्षों बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले वर्ष 2005 में जोशना चिनप्पा ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
शीर्ष वरीयता प्राप्त दिल्ली की अनाहत सिंह ने सेमीफाइनल में मिस्र की तीसरी/चौथी वरीयता प्राप्त बार्ब समेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। पूरे मैच में अनाहत ने आक्रामक खेल और बेहतरीन नियंत्रण का प्रदर्शन किया।
जीत के बाद अनाहत ने कहा कि वह अपने प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में भी उनका सामना बार्ब समेह से हुआ था और मुकाबला काफी कड़ा रहा था। इसी कारण उन्होंने इस मैच के लिए विशेष तैयारी की थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले मुकाबले में वह अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा पाई थीं, इसलिए सेमीफाइनल में बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य लेकर उतरी थीं।
[news_related_post]अनाहत ने कहा कि उन्होंने अब तक चार बार विश्व जूनियर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है। पहले वह क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन इस बार फाइनल में पहुंचकर उनके माता-पिता और कोच बेहद खुश हैं। हालांकि उनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है और अब उनकी नजर खिताब जीतने पर है।
फाइनल में अनाहत सिंह का मुकाबला मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकय्या सलेम से होगा। यदि वह यह मुकाबला जीतने में सफल रहती हैं तो विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगी।