सेपकटकरा वर्ल्ड कप 2026
किक, रफ्तार और रोमांच का महाकुंभ: तैयार हो जाइए कुआलालंपुर में होने वाले सेपकटकरा वर्ल्ड कप के लिए
कुआलालंपुर। खेलों की दुनिया में जब फुर्ती, संतुलन और हैरतअंगेज कलाबाजी का जिक्र होता है, तो सेपकटकरा का नाम सबसे आगे आता है। अब इसी रोमांच को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर आगामी 16 से 23 मई तक आयोजित होने वाले ISTAF सेपकटकरा वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी करने जा रही है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन ऐतिहासिक टिटीवांगसा स्टेडियम में होगा, जिसे मलेशिया में सेपकटकरा का “मक्का” माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय सेपकटकरा महासंघ (ISTAF) और मलेशियाई सेपकटकरा एसोसिएशन की संयुक्त मेजबानी में होने वाला यह टूर्नामेंट इस बार भव्यता और तकनीकी स्तर दोनों में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार है। दुनिया भर के बेहतरीन खिलाड़ी अपनी शानदार किक, बिजली जैसी रफ्तार और अद्भुत एरोबैटिक कौशल से दर्शकों को रोमांचित करेंगे।
इस वर्ल्ड कप को दो प्रमुख श्रेणियों — प्रीमियर डिवीजन और डिवीजन-1 — में बांटा गया है। प्रीमियर डिवीजन में पुरुष वर्ग के तहत टीम इवेंट, क्वाड इवेंट और रेगु इवेंट में जबरदस्त मुकाबले देखने को मिलेंगे। वहीं डिवीजन-1 नई प्रतिभाओं के लिए अपनी क्षमता साबित करने का बड़ा मंच बनेगा।
सेपकटकरा अपनी अनोखी शैली और कठिन तकनीक के कारण दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण खेलों में गिना जाता है। हवा में छलांग लगाकर किए जाने वाले स्मैश और शानदार रक्षात्मक कौशल इसे दर्शकों के लिए बेहद आकर्षक बनाते हैं। मेजबान मलेशिया के लिए यह टूर्नामेंट प्रतिष्ठा की लड़ाई भी होगा, क्योंकि थाईलैंड जैसी मजबूत टीमों को चुनौती देना आसान नहीं माना जा रहा।
भारतीय खेल प्रेमियों के लिए भी यह वर्ल्ड कप बेहद खास रहेगा। हाल के वर्षों में भारतीय सेपकटकरा टीम ने एशियाई और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ऐसे में कुआलालंपुर का यह टूर्नामेंट भारतीय खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने और सितंबर में जापान के नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों की तैयारी परखने का सुनहरा अवसर होगा।
वर्ल्ड कप के बाद जुलाई में थाईलैंड में प्रतिष्ठित किंग्स कप वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ष के अंत में जापान में प्रस्तावित एशियन चैंपियनशिप भी आयोजित की जाएगी। ऐसे में पूरा वर्ष 2026 सेपकटकरा के रोमांच से सराबोर रहने वाला है।

अब सभी की निगाहें टिटीवांगसा स्टेडियम की उस कोर्ट पर टिकी होंगी, जहां रबर की गेंद हवा में उड़ान भरेगी और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अपनी कलाबाजी से गोल्ड मेडल जीतने के लिए पूरा दम लगाएंगे।